तेजस एक्सप्रेस में ज्यादा सामान ले जाने पर अलग से चार्ज देना होगा। आईआरसीटीसी के नए नियमों के मुताबिक एक्जीक्यूटिव चेयर कार यात्रियों को 70 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। वहीं चेयर कार से सफर करने वाले 40 किलो तक सामान ले जा सकेंगे। 5 से 12 साल तक की उम्र के बच्चे, अपने साथ अधिकतम 50 किलोग्राम तक सामान ले जा सकेंगे। वहीं पैसेंजर कम्पार्टमेंट में आपके सामान का आकार भी जांचा जाएगा। अब संदूक, सूटकेस या किसी बक्से का आकार 100X60X25 सेंटीमीटर ही होना चाहिए। इससे ज्यादा बड़ा या भारी सामान ब्रेक वैन में भेजा जाएगा। जिसके लिए आपको अलग से पैसे देने होंगे। जानकारी के अनुसार तयसीमा से ज्यादा सामान होने पर 109 रुपए का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
कर्मचारियों की कमी के कारण लागू नहीं हो पा रहा नियम
अन्य ट्रेनों में भी सामान ले जाने की सीमा तय की गई है लेकिन रेलवे के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण नियमों का पालन नहीं हो पाता। तेजस एक्सप्रेस के हर कोच में 3 कर्मचारी होते हैं, जिनमें रेल होस्टेस भी शामिल हैं। यही कारण है कि तेजस में इस तरह के नियम का पालन सख्ती से हो सकेगा।
20 फरवरी से शुरू होगी तीसरी प्राइवेट ट्रेन
आईआरसीटीसी की तीसरी प्राइवेट ट्रेन इंदौर से वाराणसी के बीच 20 फरवरी से चलाई जाएगी। काशी महाकाल एक्सप्रेस के नाम से चलाई जाने वाली इस ट्रेन को वाराणसी से शुरू किया जाएगा और महाशिवरात्रि पर 21 फरवरी को ट्रेन उज्जैन होते हुए इंदौर आएगी। आईआरसीटीसी द्वारा संचालित इस तरह की यह पहली रेलगाड़ी होगी जिसमें चेयर कार नहीं होगी, बल्कि स्लीपर कोच होंगे। आईआरसीटीसी दिल्ली-लखनऊ और अहमदाबाद-मुंबई पर निजी ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचालन कर रहा है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी।