वह दौर अब नहीं रहा जब अच्छी सैलरी सिर्फ फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, मेडिकल, लॉ, कंस्ट्रक्शन क्षेत्रों से जुड़े प्रोफेशनल्स तक ही सीमित थी। तेजी से बदलता जॉब मार्केट अब मुट्ठीभर और ट्रेडिशनल रूप से सफल उद्योगों तक ही सीमित नहीं है। असल में पिछला दशक हम सभी के लिए आंखें खोलने वाला रहा। जहां वैश्वीकरण से लेकर, ई-लर्निंग तक आए बदलावों के चलते क्रिएटिविटी और मशीन लर्निंग इंडस्ट्रीज के भीतर असाधारण वृद्धि देखी गई। इन्हीं ट्रेंड्स को ध्यान में रखते हुए अब स्टूडेंट्स खुद को जॉब मार्केट में डिमांड के हिसाब से तैयार कर रहे हैं। इसमें डिजाइन एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभर कर आया है जिसमें वे फैशन डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन, ग्राफिक या इंडस्ट्रियल डिजाइन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, वीडियो एडिटिंग जैसे नए युग के क्रिएटिव कॅरिअर्स के लिए खुद को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
कुछ ऐसे ही क्रिएटिव कॅरिअर्स की जानकारी दे रही हैं जेडी इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रूपल दलाल-
राइटर / क्रिएटिव राइटर्स
इस क्षेत्र में कदम आगे बढ़ाने के लिए आपके अंदर राइटिंग की समझ होनी जरूरी है। क्रिएटिव राइटर के तौर पर आप वेबसाइट्स, मैगजीन्स व विज्ञापनों के लिए काम कर सकते हैं या स्क्रिप्ट्स व ब्लॉग्स लिख सकते हैं। लेखक के रूप में कॅरिअर बनाने के लिए आपके पास इंग्लिश लैंग्वेज की नॉलेज, कम्युनिकेशन का अच्छा ज्ञान या डिग्री होनी जरूरी है। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया के लिए लिखना या सेल्फ पब्लिशिंग राइटिंग के क्षेत्र में कमाई करने के सबसे कुशल तरीके साबित हुए हैं।
आर्ट डायरेक्टर
एक कला निर्देशक को अपने जॉब में कई तरह के काम करने होते हैं जिनमें उत्पादों के लिए नई स्टाइल्स सोचना, एक वैचारिक प्रोजेक्ट को प्रेजेंट करने के लिए सबसे अच्छा तरीका खोजना आदि शामिल हैं। आर्ट डायरेक्टर बनने के लिए आपको आर्ट्स एंड डिजाइन में प्रोफेशनल डिग्री या कम से कम कोई डिप्लोमा कोर्स करना जरूरी होता है। फिल्म्स के अलावा आर्ट डायरेक्टर्स की मांग टेलीविजन, मैगजीन्स, डिजाइन इंस्टीट्यूट्स, मीडिया कंपनीज आदि में भी रहती है।
फोटोग्राफर / वीडियो एडिटर
आप फिल्म्स, डॉक्यूमेंट्रीज, इंडिपेंडेंट फीचर फिल्म्स, विज्ञापन एजेंसीज, फोटो/ वीडियो एडिटिंग फील्ड्स आदि में कॅरिअर बना सकते हैं। आप विभिन्न स्तरों पर निर्देशकों, निर्माताओं व संस्थानों के साथ जुड़कर भी खुद को स्थापित कर सकते हैं। जॉब या बिजनेस के अवसर तलाश करने वाले किसी भी कैंडिडेट को कैमरा, वीडियो कैमरा और एडिटिंग सॉफ्टवेयर की गहन समझ होनी जरूरी है। इस कॅरिअर में सफल होने के लिए आपके पास प्रोफेशनल डिग्री या शॉर्ट टर्म डिप्लोमा होना जरूरी है।
इंटीरियर डिजाइनर
ये प्रोफेशनल्स मोटे तौर पर अपार्टमेंट्स, ऑफिसेज, शोरूम्स, होटल्स, एयरपोर्ट्स, एग्जीबिशन हॉल्स, कॉन्फ्रेंस सेंटर्स, थिएटर्स, टीवी व फिल्म स्टूडियोज सहित अन्य व्यावसायिक जगहों को सुंदर, व्यवस्थित व कलात्मक तरीके से सजाने का काम करते हैं। ग्राहक के बजट के अनुसार मन माफिक काम करके देना इस व्यवसाय की मांग है। ये मुख्य रूप से सरकारी विभागोंं, शैक्षणिक संस्थानों, आर्किटेक्ट फर्म्स आदि में काम करते हैं। आप प्रोफेशनल डिप्लोमा या डिग्री कोर्स कर सकते हैं।
मल्टीमीडिया डिजाइनर/एनिमेटर
ये प्रोफेशनल्स, ग्राफिकल व इंस्टॉलेशन से जुड़े कार्यों के लिए 2डी एनिमेशन या 3डी सॉफ्टवेयर को रेग्युलर या इंटरेक्टिव मॉडल डेवलप करते हैं। एनिमेटर/ डिजाइनर के रूप में कॅरिअर बनाने के लिए कुछ पाठ्यक्रम या सॉफ्टवेयर्स सीखने जरूरी हैं जैसे 2डी डिजाइन के लिए एडोबी, कोरलड्राॅ और 3डी रेंडरिंग फंक्शंस के लिए माया, 3डीएस मैक्स। इन सॉफ्टवेयर्स के कोर्स करने के बाद आप राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय डिजाइन फर्म्स, विज्ञापन/मीडिया कंपनीज आदि में अपनी सर्विसेज दे सकते हैं।
इंडस्ट्रियल डिजाइनर
यह प्रोफेशन, डिजाइन व कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में सामने आया एक नया फील्ड है। यदि आप इस फील्ड को लेकर उत्सुक हैं तो ध्यान दें, एक इंडस्ट्रियल डिजाइनर में टेक्निकल, एस्थेटिक और इंजीनियरिंग नॉलेज का होना बहुत जरूरी है ताकि वह उपयोग, लागत, परफॉर्मेंस आदि को ध्यान में रखकर उत्पादों की डिजाइन्स, डेवलपमेंट व मैन्युफैक्चरिंग में योगदान दे सके। इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के लिए आपको आर्किटेक्चर, इंडस्ट्रियल डिजाइन या इंजीनियरिंग में बैचलर्स डिग्री की जरूरत होगी।